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अलवर में डिजिटल शिक्षा की क्रांति: भोपा का बास स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत

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जिला प्रशासन और सांसद महोदय के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अलवर ई-विद्या के तहत राजकीय प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय, भोपा का बास, रामगढ़ में एक अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के माध्यम से आधुनिक ज्ञान और तकनीकी कौशल से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इस प्रयास से ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। डिजिटल लाइब्रेरी में 16 कंप्यूटर , 2 प्रोजेक्टर , एक 3-इन-1 प्रिंटर , और आरामदायक फर्नीचर उपलब्ध हैं। इनमें से 10 ऑल-इन-वन कंप्यूटर गुरुग्राम के श्रीराम स्कूल द्वारा दान किए गए हैं, जबकि 6 कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, और फर्नीचर जेसीईआरसी (JECRC) यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किए गए हैं। स्कूल स्टाफ ने सामूहिक रूप से एक 3-इन-1 प्रिंटर खरीदा, जो लाइब्रेरी की कार्यक्षमता को और बढ़ाएगा। इस पहल के पीछे स्कूल के राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता शिक्षक मोहम्मद इमरान खान का महत्वपूर्ण योगदान है। फुलब्राइट स्कॉलर और ग्लोबल टीचर प्राइज के टॉप-10 फाइनलिस्ट इमरान खान ने इसे ग्रामीण शिक्ष...

PM eVIDYA चैनल: विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी डिजिटल पहल

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राजस्थान राज्य में विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा पहुँचाने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत सभी विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। 🔍 PM eVIDYA पहल क्या है? भारत सरकार द्वारा शुरू की गई PM eVIDYA योजना के अंतर्गत “One Class–One Channel” की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग DTH चैनलों पर पाठ्यक्रम आधारित सामग्री का प्रसारण किया जाता है। () राजस्थान में इस कार्य को सफल बनाने के लिए BISAG-N तथा CIET (NCERT) का सहयोग लिया जा रहा है। 📡 राजस्थान के PM eVIDYA चैनल राज्य में 5 DTH चैनलों के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 24×7 शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक सामग्री प्रसारित की जा रही है: RJ148 – कक्षा 1–2 RJ149 – कक्षा 3–5 RJ150 – कक्षा 6–8 RJ151 – कक्षा 9–10 RJ152 – कक्षा 11–12 ⭐ प्रमुख विशेषताएँ 24×7 पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण सामग्री विषयो...

विद्यालय में कृष्ण भोग, मेगा पीटीएम एवं बसंत पंचमी का आयोजन

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आज राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, भोपा का बास में एक प्रेरणादायक और सुव्यवस्थित क्रम में विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन सीखने, रचनात्मकता, संवाद और सहभागिता से भरा रहा। मेगा पीटीएम कार्यक्रम की शुरुआत मेगा पीटीएम से हुई, जिसमें शिक्षक और अभिभावकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, उपस्थिति और सर्वांगीण विकास पर सार्थक संवाद हुआ। इस संवाद ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूत किया। वरिष्ठ शिक्षक अमर चंद शर्मा ने बसंती पंचमी पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के लिए इस त्योहार के महत्व को बताया। डिजिटल लाइब्रेरी में निपुण मेला का लाइव सत्र इसके पश्चात विद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित निपुण मेला का माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान द्वारा लिया गया लाइव सत्र ऑनलाइन देखा गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक इमरान खान ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि निपुण भारत जैसे कार्यक्रम...

माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में अंग्रेज़ी विषय में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करें

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  अंग्रेज़ी आज केवल एक विषय नहीं, बल्कि सफलता की कुंजी है। माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में यह विषय विद्यार्थियों के कुल प्रतिशत को निर्णायक रूप से प्रभावित करता है। राजस्थान जैसे हिंदी भाषी क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अंग्रेज़ी कठिन लग सकती है, लेकिन सही रणनीति, नियमित अभ्यास और परीक्षा-केंद्रित तैयारी से अच्छे अंक पाना पूरी तरह संभव है। 1. पुराने प्रश्नपत्र क्या बताते हैं? (विश्लेषण) पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्नपत्रों का अध्ययन करने से कुछ स्पष्ट तथ्य सामने आते हैं: रीडिंग पैसेज हर साल अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। शब्दार्थ, सही विकल्प और तथ्यात्मक प्रश्न बार-बार दोहराए जाते हैं। व्याकरण में टेंस, डायरेक्ट–इंडायरेक्ट, एक्टिव–पैसिव, कनेक्टर्स और प्रश्न-टैग सबसे अधिक पूछे गए हैं। पाठ्यपुस्तक के प्रश्न सीमित अध्यायों से बार-बार आते हैं, विशेषकर A Letter to God, His First Flight, Bholi, The Necklace जैसे पाठ। लेखन कौशल में पत्र, ई-मेल, अनुच्छेद और कहानी लेखन लगभग हर वर्ष शामिल रहे हैं। यह विश्लेषण बताता है कि परीक्षा “नया” नहीं पूछती, बल्कि “अभ्यास किया हुआ” ...

अर्धवार्षिक परीक्षा के बाद: नई शुरुआत की कहानी

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अर्धवार्षिक परीक्षा का आख़िरी पेपर देकर जब कमल परीक्षा कक्ष से बाहर निकला, तो उसने गहरी साँस ली। कंधों पर टँगा बैग हल्का लग रहा था, लेकिन मन में कई सवाल थे। “अब बोर्ड परीक्षा पास है,” वह सोच रहा था। शाम को उसने किताबें खोलने के बजाय छत पर बैठकर आसमान को देखा। उसकी माँ ने मुस्कराते हुए कहा, “अब घबराने का नहीं, समझदारी से तैयारी करने का समय है।” यह बात कमल के मन में बस गई और उसने अपनी दिनचर्या बदलने का निश्चय किया। अर्धवार्षिक परीक्षा के बाद क्या करें? अर्धवार्षिक परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी हैं और अब छात्रों के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू होता है। आने वाले दो–तीन महीने बहुत निर्णायक होते हैं। यह समय डर का नहीं, बल्कि सही रणनीति से पढ़ाई करने का है। यदि इस समय का सही उपयोग किया जाए, तो बोर्ड परीक्षा का तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। यही है तैयारी का सही समय विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर सबसे उपयुक्त होता है, जब छात्र अपने स्तर को समझकर योजना बना सकते हैं। यदि अभी से एक सरल और व्यवहारिक टाइम–टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू कर दी जाए, तो अंतिम समय की घबराहट से बचा जा सकता है। स्मार्ट प...

प्रखर राजस्थान अभियान अंतर्गत पुस्तक पठन गतिविधि

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प्रखर राजस्थान अभियान के अंतर्गत हमारे विद्यालय में दिनांक 17 सितम्बर को मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (Mega PTM) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुस्तकालय पठन गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना तथा पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान की दुनिया से जोड़ना था। इस अवसर पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक पुस्तकालय से विभिन्न कहानी, जीवनियों एवं प्रेरणादायक पुस्तकों का वाचन किया। अभिभावकों ने भी इस गतिविधि की सराहना की और बच्चों को प्रतिदिन पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। विद्यालय की प्राचार्य ने अपने संदेश में कहा कि – "पुस्तकें ही विद्यार्थियों की सबसे बड़ी मित्र होती हैं। यह न केवल ज्ञान बढ़ाती हैं बल्कि चरित्र निर्माण में भी सहायक होती हैं। प्रखर राजस्थान अभियान के तहत हमारा प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट पठन अवश्य करे।" इस आयोजन ने बच्चों में पुस्तकों के प्रति नया उत्साह जगाया और विद्यालय वातावरण को सजीव बना दिया। सभी शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सहयोग से यह पुस्तक पठन शिविर सफल रहा।  

विद्यालय के शिक्षक इमरान ख़ान को दैनिक भास्कर का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान

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हमारे विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक श्री इमरान ख़ान को दैनिक भास्कर राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से नवाज़ा गया है। यह हमारे विद्यालय ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। श्री ख़ान ने सदैव शिक्षा को नवीन तकनीकों से जोड़कर बच्चों तक पहुँचाने का प्रयास किया है। उनकी बनाई हुई अनेक शैक्षिक मोबाइल एप्लीकेशन जैसे डिशारी, देववाणी, जनरल साइंस इन हिंदी और प्रशस्त ने लाखों विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई है। उनकी रचनात्मकता और मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि यदि निष्ठा और समर्पण हो तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी उच्चस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनकी सराहना से लेकर राष्ट्रीय ICT पुरस्कार, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा जमनालाल बजाज पुरस्कार तक, इमरान ख़ान जी को पहले भी अनेक मंचों पर सम्मान मिल चुका है। हाल ही में उन्हें Global Teacher Prize 2025 में विश्व के शीर्ष 10 शिक्षकों की सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धियाँ न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम हैं बल्कि हमारे विद्यालय और समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत भ...

Scool eMagazine August 2025

School e-Magazine Bhopa ka Bas: August 2025