अलवर में डिजिटल शिक्षा की क्रांति: भोपा का बास स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत
जिला प्रशासन और सांसद महोदय के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अलवर ई-विद्या के तहत राजकीय प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय, भोपा का बास, रामगढ़ में एक अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के माध्यम से आधुनिक ज्ञान और तकनीकी कौशल से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इस प्रयास से ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। डिजिटल लाइब्रेरी में 16 कंप्यूटर , 2 प्रोजेक्टर , एक 3-इन-1 प्रिंटर , और आरामदायक फर्नीचर उपलब्ध हैं। इनमें से 10 ऑल-इन-वन कंप्यूटर गुरुग्राम के श्रीराम स्कूल द्वारा दान किए गए हैं, जबकि 6 कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, और फर्नीचर जेसीईआरसी (JECRC) यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किए गए हैं। स्कूल स्टाफ ने सामूहिक रूप से एक 3-इन-1 प्रिंटर खरीदा, जो लाइब्रेरी की कार्यक्षमता को और बढ़ाएगा। इस पहल के पीछे स्कूल के राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता शिक्षक मोहम्मद इमरान खान का महत्वपूर्ण योगदान है। फुलब्राइट स्कॉलर और ग्लोबल टीचर प्राइज के टॉप-10 फाइनलिस्ट इमरान खान ने इसे ग्रामीण शिक्ष...