विद्यालय में कृष्ण भोग, मेगा पीटीएम एवं बसंत पंचमी का आयोजन


आज राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, भोपा का बास में एक प्रेरणादायक और सुव्यवस्थित क्रम में विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन सीखने, रचनात्मकता, संवाद और सहभागिता से भरा रहा।

मेगा पीटीएम

कार्यक्रम की शुरुआत मेगा पीटीएम से हुई, जिसमें शिक्षक और अभिभावकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, उपस्थिति और सर्वांगीण विकास पर सार्थक संवाद हुआ। इस संवाद ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूत किया। वरिष्ठ शिक्षक अमर चंद शर्मा ने बसंती पंचमी पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के लिए इस त्योहार के महत्व को बताया।

डिजिटल लाइब्रेरी में निपुण मेला का लाइव सत्र

इसके पश्चात विद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित निपुण मेला का माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान द्वारा लिया गया लाइव सत्र ऑनलाइन देखा गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक इमरान खान ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि निपुण भारत जैसे कार्यक्रम बच्चों की मूलभूत साक्षरता, संख्यात्मक दक्षता, आत्मविश्वास और जीवन कौशल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृष्ण भोग: सेवा, संस्कार और सहभागिता का सुंदर उदाहरण

लाइव सत्र के बाद विद्यालय में कृष्ण भोग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षिका बिमला बाई ने विद्यार्थियों की सहायता से स्वयं खीर तैयार की। यह न केवल सेवा भाव का उदाहरण था, बल्कि बच्चों के लिए सीखने का एक व्यावहारिक अनुभव भी रहा। विद्यालय द्वारा सभी विद्यार्थियों को मिठाइयाँ भी वितरित की गईं, जिससे पूरे परिसर में आनंद और उल्लास का वातावरण बन गया।

निपुण मेला: रचनात्मकता, उद्यमिता और नवाचार का मंच

कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय में निपुण मेला आयोजित किया गया, जो बच्चों की रचनात्मकता और प्रतिभा का सजीव उदाहरण बना।

  • विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी दुकानें (स्टॉल) स्वयं स्थापित कीं।

  • कक्षा 9 के विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा विषय पर अपनी बनाई गई पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया।

  • कुछ विद्यार्थियों ने सब्ज़ियाँ, बिस्कुट, स्नैक्स, चाट आदि बेचकर उद्यमिता (entrepreneurship) का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

  • विज्ञान शिक्षिका मोनिका वर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अपने विज्ञान मॉडल्स प्रदर्शित किए, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।

प्रशंसा और प्रोत्साहन

विद्यालय की प्रधानाचार्या लक्ष्मी आर्या तथा उपस्थित अभिभावकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, प्रस्तुति कौशल और नवाचार की खुले मन से सराहना की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

यह पूरा आयोजन न केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित रहा, बल्कि संस्कार, सहयोग, नेतृत्व, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता जैसे मूल्यों को भी बच्चों के जीवन में स्थापित करने वाला रहा। विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

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