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Showing posts from January, 2026

विद्यालय में कृष्ण भोग, मेगा पीटीएम एवं बसंत पंचमी का आयोजन

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आज राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, भोपा का बास में एक प्रेरणादायक और सुव्यवस्थित क्रम में विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन सीखने, रचनात्मकता, संवाद और सहभागिता से भरा रहा। मेगा पीटीएम कार्यक्रम की शुरुआत मेगा पीटीएम से हुई, जिसमें शिक्षक और अभिभावकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, उपस्थिति और सर्वांगीण विकास पर सार्थक संवाद हुआ। इस संवाद ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूत किया। वरिष्ठ शिक्षक अमर चंद शर्मा ने बसंती पंचमी पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के लिए इस त्योहार के महत्व को बताया। डिजिटल लाइब्रेरी में निपुण मेला का लाइव सत्र इसके पश्चात विद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित निपुण मेला का माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान द्वारा लिया गया लाइव सत्र ऑनलाइन देखा गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक इमरान खान ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि निपुण भारत जैसे कार्यक्रम...

माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में अंग्रेज़ी विषय में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करें

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  अंग्रेज़ी आज केवल एक विषय नहीं, बल्कि सफलता की कुंजी है। माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में यह विषय विद्यार्थियों के कुल प्रतिशत को निर्णायक रूप से प्रभावित करता है। राजस्थान जैसे हिंदी भाषी क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अंग्रेज़ी कठिन लग सकती है, लेकिन सही रणनीति, नियमित अभ्यास और परीक्षा-केंद्रित तैयारी से अच्छे अंक पाना पूरी तरह संभव है। 1. पुराने प्रश्नपत्र क्या बताते हैं? (विश्लेषण) पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्नपत्रों का अध्ययन करने से कुछ स्पष्ट तथ्य सामने आते हैं: रीडिंग पैसेज हर साल अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। शब्दार्थ, सही विकल्प और तथ्यात्मक प्रश्न बार-बार दोहराए जाते हैं। व्याकरण में टेंस, डायरेक्ट–इंडायरेक्ट, एक्टिव–पैसिव, कनेक्टर्स और प्रश्न-टैग सबसे अधिक पूछे गए हैं। पाठ्यपुस्तक के प्रश्न सीमित अध्यायों से बार-बार आते हैं, विशेषकर A Letter to God, His First Flight, Bholi, The Necklace जैसे पाठ। लेखन कौशल में पत्र, ई-मेल, अनुच्छेद और कहानी लेखन लगभग हर वर्ष शामिल रहे हैं। यह विश्लेषण बताता है कि परीक्षा “नया” नहीं पूछती, बल्कि “अभ्यास किया हुआ” ...